Pages

Vardi Ke Peeche Ek Dil (Hindi Novel)

 



यह पुस्तक एक सैनिक के भीतर की दुनिया का भावनात्मक और वास्तविक चित्रण है-जहाँ ड्यूटी और दिल के बीच की रेखा कभी साफ नहीं होती। इसमें कँवलजीत भुल्लर ने अपने अनुभवों, अपने साथियों और उन अनकहे पलों को शब्द दिए हैं, जो युद्ध के शोर में खो जाते हैं।

यह पुस्तक केवल एक सैनिक की आत्मकथा नहीं, बल्कि हर उस इनसान की कहानी है, जो कर्तव्य निभाते हुए अपने आप को पीछे छोड़ देता है।

सेना की वरदी उतारने के बाद भी कँवलजीत भुल्लर ने अपने जीवन का मोर्चा कभी छोड़ा नहीं। बस, अब शब्द उनके हथियार बन गए हैं, और मैदान है कागज। उन्होंने अपने अनुभवों को सिर्फ लिखा नहीं, बल्कि जिया, महसूस किया और उन सबकी ओर से कहा, जो शायद कह नहीं पाए।

'वरदी के पीछे एक दिल' उनकी आत्मा का विस्तार है, जहाँ गोलियों की जगह शब्द हैं, और लड़ाई अब विस्मृति के खिलाफ है।

 Available on Prabhat Prakashan, New Delhi:

https://www.prabhatbooks.com/vardi-ke-peeche-ek-dil.htm

 

Available on Amazon:

https://www.amazon.in/Vardi-Ke-Peeche-Ek-Dil/dp/9375946355

No comments:

Post a Comment